२७ जून१८
धरती की डोली ,उठ नहीं सकती
आसमा हिंडोले झूल नहीं सकता
मेरा मन वैसे ही तुम्हे ,भूल नहीं सकता
सुशील यादव २८ जून १८
विवाह के चालीसवे प्रवेश द्वार पर स्वागत
धरती की डोली ,उठ नहीं सकती
आसमा हिंडोले झूल नहीं सकता
मेरा मन वैसे ही तुम्हे ,भूल नहीं सकता
सुशील यादव २८ जून १८
विवाह के चालीसवे प्रवेश द्वार पर स्वागत
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