Thursday, 2 March 2017

धतूरा सही जहर......

नदिया अइसन बाढ़ में  छेके नइ जाय
नासमझी के पथरा कहुं फेके नइ जाय

 देखे बर, देख लेथन तुन्हर मनमानी
अतलंग करय्या के अतलंग देखे नइ जाय

 घोर के पी डारेन धतूरा सही जहर
करू बोली अउ गोठ के केहे नइ जाय

 अंगाकर के सुवाद कहुं शहर में लुकागे
बिन चुल्हा अंगाकर बने  सेके नइ जाय

 कतको कमाबे इहचे छोड़बे- मड़ाबे
जावत खानी कोनो कछु ले के नइ जाय
sushil yadav 

No comments:

Post a Comment