६, आजा मोर संगी ....
फूलत नइए मन के मोंगरा
बिन तोरे फुलवारी
तोर बिन सुन्ना सुन्ना लागे
घर अंगना दुआरी
आजा आजा मोर संगी आजा संगवारी ......
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दादा बरजे भईया बरजे
अऊ बरजे महतारी
तोर खातिर सहिथंव कतकोन
झगरा झन्झट गारी
आजा आजा मोर संगीं आजा संगवारी
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दया मया ला अचरा बांधव
नाम के तोर बनवारी
सुरता के तोर संसो जस
टुकनी बोहंव भारी
आजा आजा मोर संगीं आजा संगवारी तोर बिन जुन्ना जुन्ना लागे
करम के पोलका सारी
बिन तोरे गड़थे संगी
करधन सूंता बारी
आजा आजा मोर संगीं आजा संगवारी
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उत्ती देखंव बुडती देखंव
अऊ देखंव बियारी
बाट ल जोहव् हाट म देखंव
तोर खातिर कुआरी
आजा आजा मोर संगीं आजा संगवारी
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