३. लतखोर जिन्दगी के प्रसंग
जिनगी के रद्दा, चिखलाय असन जी
मुड-पीरवा लर्ईका, रिसाय असन जी
नेता कहाथे ,पांच बच्छर म आथे
गोठे-गोठ गारा, मताय असन जी
नागर -बइला संग, कस के कमाथे
बीजहा धरे , फोकलाय असन जी
जकर- बकर, कोंदा शहर म रेंगय
गंवईहा टूरा, झकलाय असन जी
नोनी के बाबू ,सोन-हलवा खवा दे
तन-सोना होगिस , खियाय असन जी
आगू ले मानेव काबर , समधिन के बात
बरजत हे समधी , खिसियाय असन जी
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