Thursday, 2 March 2017



३. लतखोर जिन्दगी के प्रसंग

जिनगी के रद्दा, चिखलाय असन जी
मुड-पीरवा लर्ईका, रिसाय असन  जी

 नेता कहाथे ,पांच बच्छर म आथे
गोठे-गोठ  गारा, मताय असन जी

  नागर -बइला संग, कस के  कमाथे
  बीजहा धरे , फोकलाय असन जी

जकर- बकर, कोंदा शहर म रेंगय
गंवईहा टूरा, झकलाय असन जी

नोनी के बाबू ,सोन-हलवा  खवा दे
 तन-सोना होगिस , खियाय असन जी

आगू ले मानेव काबर , समधिन के बात
बरजत हे समधी , खिसियाय असन जी

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