लिया जिसने .....
जब दुश्मन जाने पहचाने हैं
यारो हम भी बहुत सयाने हैं
लेकर अपनी बस राम-कहानी
समझौतों के सहज निशाने हैं
मुस्कान मिली तो जीवन छलका
यूँ गम के सौ-सौ अफसाने हैं
जग को दे न सके अपना परिचय
कहने के कई लाख बहाने हैं
किसने हमको कब तौला-परखा
हम बीते इतिहास पुराने हैं
खोज लिया जिसने दिल को भीतर
पाए असल 'सुशील' खजाने हैं
सुशील यादव
14.7.17
जब दुश्मन जाने पहचाने हैं
यारो हम भी बहुत सयाने हैं
लेकर अपनी बस राम-कहानी
समझौतों के सहज निशाने हैं
मुस्कान मिली तो जीवन छलका
यूँ गम के सौ-सौ अफसाने हैं
जग को दे न सके अपना परिचय
कहने के कई लाख बहाने हैं
किसने हमको कब तौला-परखा
हम बीते इतिहास पुराने हैं
खोज लिया जिसने दिल को भीतर
पाए असल 'सुशील' खजाने हैं
सुशील यादव
14.7.17
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