गलत राय गलत मशवरा देने वाले
मुंसिफी की आड़ फतवा देने वाले
बिजलियाँ सौ -सौ गिरे तेरे घरों में
ओ जन्नते काश्मीर जला देने वाले
सुशील यादव
दहशत ,दीवारें और अदावत केवल
सीख लिए होते काश बगावत केवल
माथा सहजादों का है झुकते देखा
जिनका मकसद होता मोहब्बत केवल
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मुंसिफी की आड़ फतवा देने वाले
बिजलियाँ सौ -सौ गिरे तेरे घरों में
ओ जन्नते काश्मीर जला देने वाले
सुशील यादव
दहशत ,दीवारें और अदावत केवल
सीख लिए होते काश बगावत केवल
माथा सहजादों का है झुकते देखा
जिनका मकसद होता मोहब्बत केवल
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