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करोड़ बारह सौ फूंके हैं ,बांटे मोबाइल सरकार
गंवार-अपढ़ जनता होवे,मोबाइल की क्या दरकार
जिन गावो में भूखा प्यासा,खेती करता दिखे किसान
मोबाइल उन हाथो देकर,तुम समझो खुद धन्य महान
नक्सलवादी वहीँ जमे हैं ,ले पैसा इस नाम अकूत
रोजाना ताबूत भेजे जाते ,भारत वीर जवान सपूत
किस मिटटी के तुम हो माधो ,ह्रदय तुम्हारा हाय कठोर
विपदा- संकट रखते साथी ,नेता- अफसर चिन्दी चोर
कौन योजना के बलबूते ,होगी अब की नैय्या पार
जनता और भरम में डालो ,कर लो फिर से छल व्यापार
विकास मुद्दे चुनाव गायब , कहो राज के तारणहार
मोबाइल दे के लूट रहे , सरकारी संचित भंडार
पढ़ने वाले बच्चो को देकर ,करते यहां गहन अपराध
भटकाने-दौड़ाने पथ में ,छोड़ दिए हो क्रोधित बाघ
जनमत को अब मत भटकाओ,देना होगा सभी हिसाब
बन्द करो ये दारू खाने, मुफ्त बांट चुनावी शराब
सुशील यादव दुर्ग
१ जून १८
करोड़ बारह सौ फूंके हैं ,बांटे मोबाइल सरकार
गंवार-अपढ़ जनता होवे,मोबाइल की क्या दरकार
जिन गावो में भूखा प्यासा,खेती करता दिखे किसान
मोबाइल उन हाथो देकर,तुम समझो खुद धन्य महान
नक्सलवादी वहीँ जमे हैं ,ले पैसा इस नाम अकूत
रोजाना ताबूत भेजे जाते ,भारत वीर जवान सपूत
किस मिटटी के तुम हो माधो ,ह्रदय तुम्हारा हाय कठोर
विपदा- संकट रखते साथी ,नेता- अफसर चिन्दी चोर
कौन योजना के बलबूते ,होगी अब की नैय्या पार
जनता और भरम में डालो ,कर लो फिर से छल व्यापार
विकास मुद्दे चुनाव गायब , कहो राज के तारणहार
मोबाइल दे के लूट रहे , सरकारी संचित भंडार
पढ़ने वाले बच्चो को देकर ,करते यहां गहन अपराध
भटकाने-दौड़ाने पथ में ,छोड़ दिए हो क्रोधित बाघ
जनमत को अब मत भटकाओ,देना होगा सभी हिसाब
बन्द करो ये दारू खाने, मुफ्त बांट चुनावी शराब
सुशील यादव दुर्ग
१ जून १८
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