Saturday, 13 May 2023

 

वो जो मोहब्बत की तक़दीर लिखता है

सुशील यादव(अंक: 212, सितम्बर प्रथम, 2022 में प्रकाशित)

2122       2122      1222 
 
वो जो मोहब्बत की तक़दीर लिखता है 
किसी-किसी के हाथ जागीर लिखता है
 
 
कोई चाहे कुछ गरम कोई ठंडा यूँ
 
माँग के माफ़िक वो तासीर लिखता है 
 
 
साथ चलते भाँप लेते हवा का रुख़ 
 
नाम उनके वक़्त ही समीर लिखता है
 
 
हो जिसे अँधेरे का ख़ौफ़ जीवन भर 
 
बस ख़ुदा ही समझ तनवीर लिखता है 
 
 
हम रहें जिसे पाने आवेग से आतुर 
 
ये ज़माना अब हमें अधीर लिखता है
 
दर्द के हर कोण की नाप ले जीता 
वो ख़लाओ तेरी तस्वीर लिखता है

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