साथ मेरे
हमसफ़र
२१२२ २१२२ २१२१ २२
साथ मेरे
हमसफ़र वो साथिया नहीं है
लुत्फ़
मरने में नहीं, जीने का
मज़ा नहीं है
रूठ कर
चल दिए तमाम सपने-उम्मीद
इस जुदाई
ज़िन्दगी का ज़ायका नहीं है
साथ रहता
था बेचारा बेज़ुबान सा दिल
ठोकरें, ख़ामोश खा के भी गिना नहीं है
आ क़रीब
से जान ले, ख़ुदगर्ज
हैं नहीं हम
फूल से न
रंज, कली हमसे
खफ़ा नहीं है
शौक़ से
लग जो गया, उनके गले
तभी से
लाइलाज ए
मरीज़ हूँ, मेरी दवा
नहीं है
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