तुम नज़र भर ये
२१२२ २१२२ २१२
तुम नज़र
भर ये, अजीयत
देखना
हो सके, मैली-सियासत देखना
ये भरोसे
की, राजनीति
ख़ाक सी
लूट शामिल
की, हिमाक़त
देखना
दौर है
कमा लो, ज़माना आप
का
बमुश्किल
हो फिर, जहानत
देखना
लोग कायर
थे, डरे रहते
थे ख़ुद
जानते ना
थे , अदालत
देखना
तोहफ़े में
'लाख', तुमको बाँट दे
क़ौम की
तुम ही, तबीयत
देखना
अजीयत
=यातना, जहानत =
समझदारी
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