कब किसे ऐतबार होता है
(बहरे रमल मुसद्दस मख़बून मुसककन
फ़ाइलातुन
फ़इलातुन फ़ेलुन
2122 1122 22)
कब किसे ऐतबार होता है
सात जन्म
का प्यार होता है
दिल की
बस्ती रही उजड़ती सी
सोलह उधर
सिंगार होता है
मनचले तो
जहाँ - कहीं जाते
शक़्ल
दारोमदार होता है
मानते हैं
सभी, ख़ुदा होना
काफ़िर का
भी, संसार
होता है
किस कंधे
की पड़े, हमें
ज़रूरत
कौन तब, तरफ़दार होता है
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