Thursday, 15 September 2022

मालूम किसे

 

2212  2212   2212 1222

मालूम किसे....
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माथे  शिकन, या चेहरा चाहे
तनाव आ जाये
सच को कभी ना बेचिये
लाखों का भाव आ जाये
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लोगों को तुम हो तौलते
अपनी गरज से आए दिन
मकसद बिना कब पूछते,
जब ना चुनाव आ जाये
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उनके इशारों में  फिजूल
लाखों लुटा रहे हो क्यूं?
है बात तब,
घर,ईंट, पत्थर से लगाव आ जाये
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क्या छोड़ क़े कुनबा,
जियोगे जिंदगी, फकीरो की
अब सोचना, इन फैसलों में
फिर कसाव आ जाये
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बारिश भरोसे ये नदी तो,
उफनती रही हरदम
मालूम किसे  किस  तरफ ढाल
कहां रिसाव आ जाये
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सुशील यादव दुर्ग

न्यू आदर्श नगर,जोन 1 स्ट्रीट 3 A
दुर्ग छत्तीसगढ़
मोबाईल :7000226712

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किताबों में दबे फूल का मौसम ..
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ख्वाबो में खुशबू  ख्यालो ललक नहीं है
तेरी आँखों में पहली सी चमक नहीं है
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आती कभी दूर से जो आवाज तेरी
पास वहां देखू तो गूंज गमक नहीं है
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बीमार बंद खिड़की, खामोश दरबाजे
गलत पते पर लिखा है खत  शक नहीं है
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किताबों में दबे फूल का मौसम गया
रिवाजो  खिले फूलों  में महक नहीं है
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मेरी नाकामियां आओ घेर  लो मुझको
पहले सा टूटने में अब झिझक नहीं है
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सुशील यादव
न्यू आदर्श नगर जोन वन स्ट्रीट 3 दुर्ग छत्तीसगढ़
7000 226712

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