2212 2212 2212 1222
मालूम किसे....
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माथे शिकन, या चेहरा चाहे
तनाव आ जाये
सच को कभी ना बेचिये
लाखों का भाव आ जाये
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लोगों को तुम हो तौलते
अपनी गरज से आए दिन
मकसद बिना कब पूछते,
जब ना चुनाव आ जाये
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उनके इशारों में फिजूल
लाखों लुटा रहे हो क्यूं?
है बात तब,
घर,ईंट, पत्थर से लगाव आ जाये
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क्या छोड़ क़े कुनबा,
जियोगे जिंदगी, फकीरो की
अब सोचना, इन फैसलों में
फिर कसाव आ जाये
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बारिश भरोसे ये नदी तो,
उफनती रही हरदम
मालूम किसे किस तरफ ढाल
कहां रिसाव आ जाये
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सुशील यादव दुर्ग
न्यू आदर्श नगर,जोन 1 स्ट्रीट 3 A
दुर्ग छत्तीसगढ़
मोबाईल :7000226712
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किताबों में दबे फूल का मौसम ..
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ख्वाबो में खुशबू ख्यालो ललक नहीं है
तेरी आँखों में पहली सी चमक नहीं है
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आती कभी दूर से जो आवाज तेरी
पास वहां देखू तो गूंज गमक नहीं है
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बीमार बंद खिड़की, खामोश दरबाजे
गलत पते पर लिखा है खत शक नहीं है
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किताबों में दबे फूल का मौसम गया
रिवाजो खिले फूलों में महक नहीं है
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मेरी नाकामियां आओ घेर लो मुझको
पहले सा टूटने में अब झिझक नहीं है
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सुशील यादव
न्यू आदर्श नगर जोन वन स्ट्रीट 3 दुर्ग छत्तीसगढ़
7000 226712
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