Thursday, 15 September 2022

 


1212 212 1 2 2 1212 212 122

लगे रहो इस यकीन से, उर्वरा जमीन में बहार होगी

थको  नहीं नींद में पहाड़ों के राह कोई उतार होगी

ये आजमा लो बजी  सभागार में कभी तालियां जियादा

हजार बातो में एक काबिल-ए-गौर  उम्दा मजेदार होगी


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