वादों की रस्सी मे तनाव आ गया है
मंदिर के चर्चे हैं चुनाव आ गया है
गुस्ताख स्वागत माफ करना हुजूर
चेहरे पे मसलन खिचाव आ गया है
रोगग्रस्त थी उफ ये नदी पांच साल से
अब की बारिश कैसा बहाव आ गया है
ये लोग उठाने से कतरा रहे परचम
इरादों मे इनके बदलाव आ गया है
खबर हमें भी थी कोई लहर उठेगी
समुन्दर के रस्ते कटाव आ गया है
लादेन जा रहा था अपने पैरो चल के
पुतिन जो मिला ठहराव आ गया है
😁
हुकूमत की ऐसी लग गई है आदत
सच लगे बेचने कि भाव आ गया है
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