Thursday, 15 September 2022

तमाचा वक्त का

 

1222 1222 1222
तमाचा वक़्त का...
#
किताबों में  कहां अब  फूल मिलता है
बचे लोगों  ले दे क़े उसूल मिलता है
#
सभी पाशे चले शकुनी की अब चालें
जिसे मौका सही अनुकूल मिलता है
#
विरासत को बचाने की कवायद हो
वगरना मशवरा उल जुलुल मिलता है
#
नहीँ है कायदे से कोइ रखवाला
सियासत सादगी अब धूल मिलता है
#
क़ोई कांटे बिछा क़े जब चला जाता
तमाचा वक़्त का माकूल मिलता है
#
सुशील यादव

No comments:

Post a Comment